बार्शी महिला दिन कार्यक्रम 8 मार्च 2020

महिलांओं का  रक्षण  सिर्फ कानून के द्वारा नही तो महिलांओं के  आध्यात्मिक  सशक्तिकरण के द्वारा संभव

                            ( महिला    स्नेहमिलन मे  संगीताबहनजीं का प्रतिपादन)

बार्शी      दि  8   मार्च

         ‘नारी  मे  अनेक गुण  एवं   शक्तीया छिपी  हुई  है / जरूरत   है    नारीने उन को जागृत  करने की /   आज    केवल  कानून के द्वारा   नारी  का   रक्षण  नही हो रहा  है  यह समाज  की  भयानक  वास्तवता  हम  देख  रहे  है/ . नारीने  स्वयं  के अंदर  छिपे   हुए  गुण  व   शक्ती  को  जागृत  कर स्वयं का   आध्यात्मिक  सशक्तिकरण   किया   तो  नारी के द्वारा  ही  अंबा , दुर्गा   , काली  सरस्वती, लक्ष्मी     इन देवीयो का साक्षात्कार  होंगा/ तब    देवी स्वरूपा  नारी  के तरफ  बुरी  नजर  से  देखने का   दु:साहस  कोई  भी नही  करेंगा / नारी    शिव की   शक्ति  है/  .   स्यं:  शिव    परमात्मा ने फिर से  नारी  को उस  का  श्रेष्ठत्व  दिलाने के लिये  प्रजापिता   ब्राहमाकुमारी   ईश्वरीय    विश्व   विद्यालय की  स्थापना  की  है / .

इस  विश्व  विद्यालय की   विद्यमान  प्रशासिका  दादी   जानकी    103 साल उम्र  की  है / . उपस्थित  महिलओ को    विद्यालय को  भेट  देकर

  जो    राजयोग की  विधी  स्वयं  परमात्मा  सिखा  रहे  है   वह   सिखने  का  आवाहन  करते   हुए  बहनजी ने कहा   राजयोग  आध्यात्मिक  सशक्तीकरण का प्रभावशाली  माध्यम   है. ‘

    इस कार्यक्रम  को लक्ष्मीबाई  केळकर  पतसंस्था की अध्यक्षा  सावित्री  हालमे,   आधार  प्रतिष्ठान व  लिटल स्टार इंग्लिश  मिडियम  की   संस्थापिका   प्रमीला  मठपती, एस. टी महिला वाहक   संघटना सोलापूर  विभाग की   उपाध्यक्षा  उमा  पवार , अँडव्होकेट   राजश्री  तलवाड  डॉ.  स्नेहल  माढेकर,  डॉक्टर   लोखंडे  सुपर  बाजार  की  संचालिका शुभांगी  पाटील ,   सरस्वती  विद्यालय की प्रधानाचार्या  प्रभा    बेणे,    महिला  पोलिस प्राजक्ता  देशपांडे   आदि  महिला मान्यवर अतिथि    रूप  से  उपस्थित  थे/

          प्रथमत:  सभी  मान्यवरो  के शुभकर  कमलोंदवारा    दिपप्रज्वलन  किया  गया/

         उपस्थित   महिला मान्यवरोंने  भी  ही  क्रोध  व   अहंकार   पर  नियंत्रण पाने  के लिये    ब्रह्माकुमारी  विद्यालय मे  सिखाया  जानेवाला

  राजयोग का  अभ्यास  करना  यह  समय  की पुकार   है  ऐसा    मनोगत  व्यक्त  किया/ .

              इस  अवसर  पर   शिवध्वजारोहण  किया  गया/ .  उपस्थित   महिला मान्यवरों का एवं

 व   चिन्मई  सोपल  इस गुणवंत  विद्यार्थिनी  का   संगीताबहनजीं  के  शुभकर कमलोंदवारा यथोचित सन्मान किया  गया

 

महाशिवरात्री के उपलक्ष मे शिवध्वजारोहण

 ईश्वर  एक  है उस का नामं  नाव शिव  है | उस   निराकार  शिव के  अवतरण के उपलक्ष में   महाशिवरात्री  महोत्सव  मनाया  जाता है| शंकर  सूक्ष्मधारी  देवता  है|   शिव   परमात्मा  है |

इसलिये हम आज के  उत्सव को  शंकररात्री  न  कहते हुए  शिवरात्री  कहते है |

      शिव परमात्मा हमे  अवगुणों का उपवास अर्थात त्याग  करने को     सिखाते है |  दैवी  गुण  धारण  करने से जीवन  सुखी  शांति से भरपूर बन जायेगा तथा   भारत भी  सुखधाम  स्वर्ग  बन जायेगा |

विधायक  राजाभाऊ  राऊत

           ‘आज  जगत  को शांति की आवश्यकता है |  . योग साधना के द्वारा मन  को शांतति  मिलती  है |        कार्यक्रमशृंखला मे  सात   मिनिट के  गाइडेड  मेडिटेशन  मधील  अनुभूतीं के   बारे  मे  अपना अनुभव  कथन  कर  रहे  थे |  उन्होने  आगे कहा,   ‘ जो  अभी यहा पर गाइडेड  मेडिटेशन  मे  सिखया  उसी  तरह  हररोज  पाच मिनीट  शांती का अभ्यास करना  यह मेरी  सुबह  की  दिनचर्या  का  अंग  है|   .  आज के अस्थिर  जग मे  मन को स्थिर  करने  के लिये  ब्रहमाकुमारी  विद्यालय का   राजयोग के द्वारा शांतीदान का कार्य महत्वपूर्ण  है|   जगत मे हर  व्यक्ति  अपने अपने कारोबार  मे व्यस्त  है |  लेकिन.  इस  व्यसतता  का  अंत  हमे ब्रहमाकुमारी  विद्यालय मे   आकर  ही  करना  होंगा |    क्योंकी   ब्रहमाकुमारी  विद्यालय मे   ही   राजयोग के  द्वारा  मन  शांत  व  स्थिर  हो  सकता   है |   जागतिक  स्तर  चल  रहा  विद्यालय  का कार्य  संगीतबहनजीं के  नेतृत्व  मे  बार्शी   तहसील  मे बहुत  ही अच्छी  तरह  से.चल  रहा  है |  मै  उन  को  दिल  से   बहुत  बहुत धन्यवाद देता  हूं   |

—————————————————————————————————

  सभी  ने  यही  विचार  रखा   की  तनाव मुक्त   जीवन  के  लिये  राजयोग  का  अभ्यास   बहुत  लाभकारी    है |   यहा   आकर      शांति  का   सच्चा  औऱ  गहरा  अनुभव  होता  है  |

      शिवरात्री  अभी  तक  परंपरा  के  रूप  मे मनाते आये  लेकिन  शिवरात्री  का वास्तविक  रहस्य आज  यहा आकर  मालूम  हुआ|

      विधायक के  रूप मे  निर्वाचन  के  बाद  प्रथम  बार  सेवाकेंद्र  पर  पधारे विधायक राजाभाऊ  राऊत जी का ‘ मुश्किलों  को  प्रभू  अर्पण  कर  दो   तो  हर  मुश्किल   सहज  हो जाएंगी   ‘  यह ईश्वरीय महावाक्य का  फलक देकर  एवं  शाल  उडाकार   सम्मान किया गया|

.   लायन्स  क्लब  बार्शी रॉयल के  अध्यक्ष/ अध्यक्षा  संतोष  गुळमिरे  व  सोनल गुळमिरे इन का भी   लक्ष्मी नारायण  फ्रेम  देकर एवं  शाल  उडाकार   सम्मान किया  गया |

      सभी    अतिथियो को  ईश्वरीय  सौगात  एवं  प्रसाद  देकर  सम्मानित किया  गया|

  ब्र. कु.  अनिताबहन  करवा ने  सात   मिनिट  ओम  ध्वनि, क्रोधमुक्ति के  संकल्प के  साथ  गाइडेड  मेडिटेशन   के  द्वारा  कराई  शांति  की  गहन अनुभूति  बहुत  ही  प्रभावशाली  रही

बार्शी आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी का भूतपूर्व मंत्री द्वारा अवलोकन

प्रजापिता  ब्रहमाकुमारी  ईश्वरीय विश्व  विद्यालय  के  तरफ  से  महाशिवरात्री के  उपलक्ष मे  श्री रामेश्वर  मंदिर मे  आध्यात्मिक  चित्र  प्रदर्शनी का आयोजन  किया  गया  था l

  इस  चित्र  प्रदर्शन मे आत्मा,  परमात्मा, तीन  लोक, त्रिमूर्ति, शिवरात्री का  रहस्य, शिव व  शंकर के  बीच  अंतर, राजयोग  इन  संकल्पना   को  स्पष्ट करनेवाले  चित्रों का  समावेश  था l

 ब्रहमाकुमार    ब्रहमाकुमारी  बंधू भाई  बहने सभी  को    सहज  शब्दो मे आध्यात्म की यह गहन संकल्पनाए समझा  रहे थे l

     विशेष  रूप  से चित्र  प्रदर्शनी समझानेवाली  केवल ११  ते१३  उम्र की   कुमारी  मयूरी  व  कुमारी  प्राची  यह  छोटी  ब्रहमाकुमारी कन्याए सभी  के प्रशंसा  के  पात्र  बनी l

 भूतपूर्व विधी व न्याय राज्य मंत्री दिलीपराव सोपलजी  भी प्रदर्शनी  स्थल  पर  पहुंचे l

  उन्होने  भी  आस्था,  जिज्ञासा,  से  छोटी  ब्रहमाकुमारी  कन्याओ  से  चित्र प्रदर्शन  का  स्पष्टीकरण सुना l   इन  छोटी ब्रहमकुमारीं  कन्यओ के   शब्दरचना  एवं  भाषाशैली के तरफ   सोपल साहेबजी  बहुत प्रभावित हुए l

Hon. Guests and their full designation (Lighting the candles or inaugurated the program)

  1.       भूतपूर्व विधी व न्याय राज्य मंत्री दिलीपराव सोपल
  2. रामेश्वर मंदिर  के  विश्वस्त  बसवेश्वर गाढवे,

           ब्रहमाकुमारी बहने

   ३  संगीताबहनजी,  बार्शी सेवाकेन्द्र संचालिका

   4  महादेवी बहनजी, परांडा उपसेवाकेन्द्र संचालिका

   5 मीराबहनजी,  वैराग उपसेवाकेन्द्र संचालिका

  1. निशा  बहनजी   बार्शी